Best Health Insurance Company in India

Non HDL Cholesterol in Hindi: कारण, लक्षण और नियंत्रण

19 January, 2026

8 Shares

2749 Reads

Non HDL Cholesterol in Hindi

आजकल के समय में हमारा lifestyle ऐसा हो गया है कि काम के चलते आप अपनी हेल्थ को उतनी प्राथमिकता नहीं दे पाते। इस बिजी lifestyle में आप अक्सर unhealthy और junk food की तरफ ज़्यादा झुक जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस तरह का खाना आसानी से available होता है और आपके पास खुद के लिए समय थोड़ा कम रह जाता है। यही कारण है कि आपकी overall हेल्थ पर भी इसका सीधा असर पड़ने लगता है।

 

जब खानपान और routine बिगड़ता है, तो शरीर के अंदर होने वाले बदलाव बाहर से तुरंत दिखाई नहीं देते। आप खुद को ठीक महसूस करते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर कई health parameters बिगड़ रहे होते हैं। ऐसे में diagnostic tests आपकी हेल्थ का सही mirror बनते हैं। इन्हीं जरूरी diagnostic tests में से एक है lipid profile test, जो आपके cholesterol levels को check करता है। आजकल doctors सिर्फ LDL या total cholesterol तक सीमित नहीं रहते, बल्कि Non-HDL कोलेस्ट्रॉल test पर भी खास ध्यान देते हैं।

 

इस ब्लॉग में हम जानेंगे की non HDL cholesterol in hindi क्या हैं, इसकी गणना कैसे की जाती है, और यह आपके स्वास्थ्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।

 

Non HDL cholesterol in hindi क्या है? 

कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ (waxy substance) है जो आपके खून में पाया जाता है। यह दो मुख्य प्रकार का होता है:

 

  • HDL (High-Density Lipoprotein): इसे "अच्छा कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है क्योंकि यह धमनियों (arteries) से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाकर लिवर तक ले जाता है।
  • LDL (Low-Density Lipoprotein): इसे "बुरा कोलेस्ट्रॉल" कहते हैं क्योंकि यह धमनियों की दीवारों पर जम जाता है।

 

नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का सीधा सा मतलब है: आपके शरीर के "कुल कोलेस्ट्रॉल" में से "अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL)" को घटाने के बाद जो कुछ भी बचता है।

 

इसका मतलब है कि इसमें न केवल LDL शामिल है, बल्कि VLDL (Very Low-Density Lipoprotein) और IDL (Intermediate-Density Lipoprotein) जैसे अन्य हानिकारक लिपिड्स भी शामिल हैं। सरल शब्दों में, यह आपके खून में मौजूद सभी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल का कुल योग है।

 

यह LDL से बेहतर पैमाना क्यों है?

आपने देखा होगा की जब बात  lipid profile test की होती है तो लोग अक्सर लोग केवल LDL पर ध्यान देते हैं, लेकिन नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग के जोखिम का अधिक सटीक (accurate) अनुमान लगाता है।

 

  • VLDL का समावेश: LDL टेस्ट में अक्सर VLDL (जो ट्राइग्लिसराइड्स ले जाता है) की उपेक्षा हो जाती है। नॉन-एचडीएल में यह भी शामिल होता है, जो धमनियों में प्लाक (plaque) जमने का एक बड़ा कारण है।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए: जिन लोगों को मधुमेह (diabetes) या मोटापा है, उनमें अक्सर LDL सामान्य दिखता है लेकिन अन्य हानिकारक कण अधिक होते हैं। उनके लिए यह टेस्ट बहुत ज़रूरी है।
  • बिना उपवास के टेस्ट: LDL के सटीक माप के लिए कभी-कभी 12 घंटे के उपवास (fasting) की ज़रूरत होती है, लेकिन नॉन-एचडीएल का स्तर भोजन के बाद भी स्थिर रहता है।

 

सामान्य और खतरनाक स्तर (Normal and High Levels)

डॉक्टरों के अनुसार, आपका नॉन-एचडीएल स्तर आपके LDL लक्ष्य से लगभग 30 mg/dL अधिक होना चाहिए।

श्रेणी (Category)

स्तर (mg/dL में)

सर्वोत्तम (Ideal)

130 से कम

सीमा रेखा (Borderline High)

130 - 159

उच्च (High)

160 - 189

बहुत उच्च (Very High)

190 या उससे अधिक

 

हाई नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के कारण

आपके शरीर में नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल ?(non hdl cholesterol in hindi) का स्तर बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइये इन कारणों के बारे में विस्तार में चर्चा करे।

 

  • अस्वास्थ्यकर आहार (Unhealthy Diet): अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट (घी, मक्खन, लाल मांस) और ट्रांस फैट (बाहर का तला-भुना खाना) खाना।
  • शारीरिक निष्क्रियता (Lack of Exercise): व्यायाम न करने से शरीर में "बुरा" कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है।
  • मोटापा: अधिक वजन सीधे तौर पर लिपिड प्रोफाइल को बिगाड़ता है।
  • धूम्रपान और शराब: ये आदतें HDL (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) को कम करती हैं और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती हैं।
  • जेनेटिक्स: कभी-कभी परिवार के इतिहास (Family history) के कारण भी यह स्तर उच्च हो सकता है।

 

इसे कम करने के प्रभावी तरीके

अगर आपकी रिपोर्ट में non hdl cholesterol in hindi की मात्रा बढ़ी हुई आई है, तो घबराएं नहीं। आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके इसे काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं:

 

  • फाइबर युक्त भोजन: ओट्स, फलियाँ, दालें और फल (जैसे सेब और नाशपाती) खाएं। घुलनशील फाइबर (Soluble fibre) कोलेस्ट्रॉल को सोखने में मदद करता है।
  • हेल्दी फैट्स चुनें: रिफाइंड तेल की जगह जैतून का तेल (Olive oil) या सरसों के तेल का सीमित उपयोग करें। बादाम और अखरोट जैसे नट्स को डाइट में शामिल करें।
  • एक्टिव रहें: हर दिन कम से कम 30 मिनट की पैदल चाल (brisk walking) या कोई भी कार्डियो व्यायाम करें।
  • वजन घटाएं: केवल 5-10% वजन कम करने से भी आपके कोलेस्ट्रॉल स्तर में बड़ा सुधार हो सकता है।

 

निष्कर्ष

कोलेस्ट्रॉल को प्रबंधित करना केवल दवाएं लेने के बारे में नहीं है, बल्कि एक जागरूक जीवनशैली चुनने के बारे में है। नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को समझने से आपको यह स्पष्ट जानकारी मिलती है कि आपके दिल को कितना खतरा है। याद रखें, स्वस्थ दिल ही एक खुशहाल जीवन की नींव है।

 

हृदय रोगों का इलाज और नियमित जांचें (regular check-ups) महंगी हो सकती हैं, और स्वास्थ्य संबंधी uncertanities कभी भी दस्तक दे सकती हैं। इसलिए आपको अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपनी वित्तीय स्थिति को भी सुरक्षित रखने की प्लानिंग करनी चाहिए। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस एक अच्छा विकल्प है।

 

निवा बूपा के Medical Insurance Plans ऐसे में आपको और आपके परिवार को comprehensive coverage प्रदान करते हैं, ताकि आप बिना किसी आर्थिक चिंता के बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकें और अपने कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर जरूरी स्क्रीनिंग करा सकें।

 

People Also Ask

 

1. नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल (LDL) में क्या अंतर है?

एलडीएल केवल एक प्रकार का "बुरा" कोलेस्ट्रॉल है, जबकि non hdl cholesterol in hindi में एलडीएल के साथ-साथ अन्य सभी हानिकारक लिपिड (जैसे VLDL और IDL) भी शामिल होते हैं। यह आपके हृदय स्वास्थ्य का अधिक संपूर्ण चित्र पेश करता है।

 

2. क्या हाई नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के कोई लक्षण होते हैं?

आमतौर पर इसके कोई बाहरी लक्षण नहीं होते हैं। यही कारण है कि इसे "साइलेंट किलर" कहा जाता है। इसका पता केवल रक्त परीक्षण (Blood Test) के माध्यम से ही लगाया जा सकता है।

 

3. इसे कम करने के लिए कौन से व्यायाम सबसे अच्छे हैं?

हृदय के लिए कार्डियोवस्कुलर व्यायाम (Cardio) जैसे तेज चलना, दौड़ना, तैराकी (swimming), और साइकिल चलाना सबसे प्रभावी माने जाते हैं। ये एचडीएल (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाते हैं और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं।

 

4. क्या तनाव कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित कर सकता है?

हाँ, बहुत अधिक तनाव (Stress) शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन बढ़ाता है, जो ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

 

5. क्या पतले लोगों को भी हाई नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल हो सकता है?

जी हाँ। कोलेस्ट्रॉल का संबंध केवल वजन से नहीं है। जेनेटिक्स, खराब खान-पान, धूम्रपान और व्यायाम की कमी की वजह से दुबले-पतले लोगों में भी non hdl cholesterol in hindi का स्तर उच्च हो सकता है।

 

6. मुझे अपना कोलेस्ट्रॉल कितनी बार चेक करवाना चाहिए?

एक स्वस्थ वयस्क को हर 4 से 6 साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल करवानी चाहिए। लेकिन अगर आपको डायबिटीज, हाई बीपी या दिल की बीमारी का पारिवारिक इतिहास है, तो हर साल जांच करवाना बेहतर है।

 

7. क्या दवा के बिना इसे कम किया जा सकता है?

अगर स्तर बहुत अधिक नहीं है, तो आहार में सुधार और नियमित व्यायाम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, गंभीर मामलों में डॉक्टर स्टेटिन (Statins) जैसी दवाओं की सलाह दे सकते हैं।

 

8. नॉन-एचडीएल के लिए आदर्श लक्ष्य (Target) क्या है?

ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए, यह 130 mg/dL से कम होना चाहिए। लेकिन यदि आपको दिल की बीमारी का खतरा अधिक है, तो डॉक्टर इसे 100 या 70 mg/dL से नीचे रखने का लक्ष्य दे सकते हैं।

 

9. क्या अंडा और डेयरी उत्पाद खाने से यह बढ़ता है?

अंडे के पीले भाग और फुल-फैट डेयरी उत्पादों में कोलेस्ट्रॉल होता है। सीमित मात्रा में इनका सेवन ठीक है, लेकिन स्तर उच्च होने पर आपको सैचुरेटेड फैट वाले इन खाद्य पदार्थों को कम करना चाहिए।

 

10. ट्राइग्लिसराइड्स का नॉन-एचडीएल से क्या संबंध है?

नॉन-एचडीएल कोलेस्ट्रॉल में VLDL शामिल होता है, जो मुख्य रूप से ट्राइग्लिसराइड्स ले जाता है। इसलिए, यदि आपके ट्राइग्लिसराइड्स उच्च हैं, तो आपका non hdl cholesterol in hindi स्तर भी अक्सर बढ़ा हुआ आएगा।

Start Your Health Insurance Today

Get right coverage, right premium and the right protection instantly.

+91
Disclaimer infoBy clicking, I agree to Niva Bupa 

Health Insurance - Health Insurance | Best Family Health Insurance | Best Health Insurance For Senior Citizens In India | Health Insurance With Opd Cover | Mediclaim Insurance | Critical Illness Insurance | Personal Accident Insurance | Mediclaim Policy | Individual Health Insurance | Maternity Insurance | Best Health Insurance company | NRI Health Insurance 

 

Health Insurance Schemes - PMMVY Login | PMJJBY Policy Status | Swasthya Sathi Card | PMSBY | PMJJBY | Ayushman Card | PMMVY 2.0 | Ayushman Vay Vandana Card | PMMVY NIC IN रजिस्ट्रेशन | PMMVY 2.0 लॉगिन

 

Travel Insurance Plans - Travel Insurance |  International Travel Insurance | Student Travel Insurance | Travel Insurance USA | Travel Insurance Canada | Travel Insurance Thailand | Travel Insurance Germany | Travel Insurance Dubai | Travel Insurance Bali | Travel Insurance Australia | Travel Insurance Schengen | Travel Insurance Singapore | Travel Insurance UK | Travel Insurance Vietnam | Travel Insurance Japan | Travel Insurance Spain | Travel Insurance Asia | Travel Insurance Netherlands | Travel Insurance Turkey | Travel Insurance Ireland | Travel Insurance Philippines | Travel Insurance Italy | Travel Insurance France | Travel Insurance China | Travel Insurance Georgia | Travel Insurance South Africa | Travel Insurance Maldives | Travel Insurance Portugal | Travel Insurance Malaysia | Travel Insurance Qatar | Travel Insurance Poland | Travel Insurance Greece | Travel Insurance New zealand | Travel Insurance Saudi Arabia | Travel Insurance Sri Lanka

Become an Agent - Insurance Agent

 

Top Hospitals -  Best Hospitals in Gurgaon 


Others - Ayushman Bharat | Gst Refund for NRI on Health Insurance Premium

 

Health & Wellness - शिलाजीत के फायदे हिंदी | Weight Gain Diet in Hindi | Sat Isabgol Uses In Hindi | Aloe Vera Juice Benefits in Hindi | Dragon Fruit Benefits in Hindi | Akal Daad in Hindi | Acidity Home Remedies in Hindi | Nikat Drishti Dosh in Hindi | Yoga Benefits in Hindi | Laung Khane ke Fayde in Hindi | Leukoplakia in Hindi | Protein in 100g Paneer | Benefits of Rice Water For Skin | B12 Deficiency Symptoms in Hindi | Fibre Foods in Hindi | Chronic Disease Meaning in Hindi | Vitamin D Foods in Hindi | Blood Urea in Hindi | Beetroot Uses Good for Health 

 

 

Calculator - BMI Calculator | Pregnancy Calculator | Pregnancy Calendar Based on Conception Date | Pregnancy Conception Date Calculator | Last Menstrual Period Calculator | BMR Calculator | GFR Calculator | Ovulation Calculator