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CPR in Hindi: क्या है CPR, कब और कैसे करें सही तरीके से?

27 April, 2026

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CPR in Hindi

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कभी-कभी जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जब हर सेकंड बेहद कीमती हो जाता है। अचानक किसी व्यक्ति का बेहोश हो जाना, सांस न लेना या दिल का रुक जाना एक गंभीर और डरावनी स्थिति हो सकती है। ऐसे समय में आसपास मौजूद लोग अक्सर घबरा जाते हैं और समझ नहीं पाते कि क्या किया जाए। लेकिन यही वह समय होता है जब तुरंत और सही कदम उठाना किसी की जान बचा सकता है। ऐसे ही आपातकालीन हालात में CPR in hindi की जानकारी बेहद उपयोगी साबित होती है।

अक्सर यह माना जाता है कि CPR केवल डॉक्टर, नर्स या मेडिकल प्रोफेशनल ही कर सकते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। थोड़ी सी सही जानकारी और जागरूकता के साथ आम लोग भी शुरुआती मदद दे सकते हैं। जब तक एम्बुलेंस या डॉक्टर मौके पर पहुंचें, तब तक दिया गया CPR व्यक्ति के मस्तिष्क और शरीर को ऑक्सीजन मिलते रहने में मदद करता है। यही कारण है कि समय पर किया गया CPR किसी व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को काफी हद तक बढ़ा सकता है और कई मामलों में यह जीवन और मृत्यु के बीच का फर्क बन जाता है।

 

CPR क्या होता है?

CPR का पूरा नाम Cardiopulmonary Resuscitation है। यह एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है या वह सांस लेना बंद कर देता है। ऐसी स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो जाता है, जिससे कुछ ही मिनटों में गंभीर नुकसान हो सकता है।

इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण चरण शामिल होते हैं:

  • छाती पर दबाव (Chest Compressions): इसमें व्यक्ति की छाती पर एक निश्चित गति और ताकत से दबाव डाला जाता है, ताकि दिल की जगह कृत्रिम रूप से रक्त का प्रवाह बनाए रखा जा सके।
  • कृत्रिम सांस (Rescue Breaths): इसमें व्यक्ति को मुंह से सांस दी जाती है, जिससे फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंच सके और शरीर के अंग काम करते रहें।

CPR का मुख्य उद्देश्य शरीर में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखना होता है, ताकि मस्तिष्क, दिल और अन्य महत्वपूर्ण अंग तब तक काम करते रहें जब तक कि पेशेवर चिकित्सा सहायता उपलब्ध न हो जाए। यह एक अस्थायी लेकिन बेहद जरूरी सहायता होती है, जो सही समय पर मिलने से व्यक्ति के जीवन को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।

 

CPR कब किया जाता है?

CPR तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति में जीवन के सामान्य संकेत दिखाई देना बंद हो जाते हैं। यह स्थिति अक्सर अचानक उत्पन्न होती है और कई बार बिना किसी पूर्व चेतावनी के भी सामने आ सकती है। ऐसे समय में आसपास मौजूद लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कुछ ही मिनटों की देरी भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो मस्तिष्क पर उसका असर बहुत तेजी से पड़ता है। आमतौर पर 4–6 मिनट के भीतर मस्तिष्क को नुकसान शुरू हो सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि किन परिस्थितियों में CPR शुरू करना चाहिए और कब तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक होता है।

आपको CPR करने की जरूरत पड़ सकती है यदि:

 

  • व्यक्ति पूरी तरह बेहोश हो और उसे आवाज देने या हिलाने पर भी कोई प्रतिक्रिया न दे
  • व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो या उसकी सांस बहुत धीमी, असामान्य या हांफने जैसी हो
  • दिल की धड़कन महसूस न हो या नाड़ी (pulse) न मिले
  • किसी दुर्घटना जैसे सड़क हादसा, बिजली का झटका या गिरने के बाद व्यक्ति अचेत हो जाए
  • डूबने (drowning) की स्थिति में व्यक्ति पानी से बाहर निकाला गया हो और वह सांस न ले रहा हो
  • हार्ट अटैक या अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति हो

ऐसी परिस्थितियों में बिना समय गंवाए CPR शुरू करना जरूरी होता है। साथ ही, किसी अन्य व्यक्ति से तुरंत मेडिकल सहायता (जैसे एम्बुलेंस) बुलाने के लिए कहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

 

CPR कैसे किया जाता है? (स्टेप बाय स्टेप)

CPR को समझने और सही तरीके से करने के लिए C-A-B (Compressions-Airway-Breathing) तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह एक व्यवस्थित तरीका है जो सुनिश्चित करता है कि शरीर को लगातार ऑक्सीजन और रक्त मिलता रहे।

 

1. Compressions (छाती पर दबाव)

  • सबसे पहले व्यक्ति को पीठ के बल समतल और कठोर सतह पर लिटाएं
  • अपनी एक हथेली को छाती के बीच में रखें और दूसरी हथेली को उसके ऊपर रखें
  • अपनी कोहनियों को सीधा रखते हुए पूरे शरीर के वजन से दबाव दें
  • दबाव तेज और मजबूत होना चाहिए, लगभग 100–120 बार प्रति मिनट
  • हर दबाव के बाद छाती को पूरी तरह ऊपर आने दें ताकि रक्त का प्रवाह सही तरीके से हो सके

यह चरण सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे दिल की जगह कृत्रिम रूप से रक्त पंप होता रहता है और शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचती रहती है।

 

2. Airway (एयरवे खोलना)

  • छाती पर दबाव देने के बाद व्यक्ति का सिर धीरे से पीछे की ओर झुकाएं
  • ठुड्डी को ऊपर उठाएं ताकि सांस लेने का रास्ता (एयरवे) खुल सके
  • यह सुनिश्चित करें कि मुंह या गले में कोई रुकावट (जैसे उल्टी या कोई वस्तु) न हो

एयरवे खोलना जरूरी है ताकि यदि आप सांस देने जा रहे हैं, तो ऑक्सीजन सही तरीके से फेफड़ों तक पहुंच सके।

 

3. Breathing (सांस देना)

  • यदि आप CPR में प्रशिक्षित हैं, तो 30 छाती दबाव के बाद 2 बार सांस दें
  • व्यक्ति की नाक बंद करें और उसके मुंह में धीरे से सांस दें
  • हर सांस लगभग 1 सेकंड की होनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि छाती ऊपर उठ रही है या नहीं
  • इसके बाद फिर से छाती पर दबाव देना शुरू करें

इस पूरी प्रक्रिया (30 compressions + 2 breaths) को लगातार दोहराते रहें।

CPR तब तक जारी रखें जब तक:

  • व्यक्ति खुद से सांस लेना शुरू न कर दे
  • या फिर मेडिकल सहायता मौके पर न पहुंच जाए
  • या आप पूरी तरह थक न जाएं और कोई दूसरा व्यक्ति आपकी जगह न ले ले

 

Hands-only CPR क्या होता है?

अगर आपको CPR की पूरी ट्रेनिंग नहीं है या आप सांस देने में सहज महसूस नहीं करते हैं, तो भी आप मदद कर सकते हैं। ऐसे में hands-only CPR एक सरल और प्रभावी तरीका है।

इसमें केवल एक ही चीज की जाती है:

  • लगातार और सही गति से छाती पर दबाव देना

इसमें कृत्रिम सांस (rescue breaths) शामिल नहीं होती। फिर भी, यह तरीका काफी प्रभावी माना जाता है, खासकर वयस्कों में अचानक कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में।

 

Hands-only CPR के फायदे:

  • इसे सीखना आसान होता है
  • आम लोग भी बिना डर के इसे कर सकते हैं
  • समय की बचत होती है, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव होती है
  • लगातार compressions देने से रक्त का प्रवाह बना रहता है

यदि आप किसी आपात स्थिति में हैं और पूरी प्रक्रिया याद नहीं है, तो भी केवल छाती पर दबाव देना शुरू करना बेहतर है, बजाय कुछ न करने के।

 

CPR करते समय ध्यान रखने वाली बातें

CPR करते समय केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि आपका व्यवहार और तरीका भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। आपातकालीन स्थिति में अक्सर लोग घबरा जाते हैं, जिससे सही निर्णय लेने में देरी हो सकती है। ऐसे समय में शांत रहना और स्थिति को समझकर कार्य करना सबसे पहला और जरूरी कदम होता है।

ध्यान रखने योग्य बातें:

  • घबराएं नहीं, शांत रहें: जब कोई व्यक्ति बेहोश हो या सांस न ले रहा हो, तो घबराहट स्वाभाविक है। लेकिन शांत रहकर ही आप सही तरीके से CPR कर पाएंगे। गहरी सांस लें और तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश करें।
  • दबाव सही जगह पर दें: छाती के बीच (breastbone के केंद्र) पर हाथ रखना जरूरी है। गलत जगह दबाव देने से प्रभाव कम हो सकता है या चोट लग सकती है।
  • सही ताकत और गति बनाए रखें: बहुत हल्का दबाव देने से कोई फायदा नहीं होगा और बहुत ज्यादा दबाव से चोट लग सकती है। इसलिए संतुलन बनाए रखें और लगभग 100–120 बार प्रति मिनट की गति रखें।
  • बीच-बीच में रुकने से बचें: लगातार दबाव देना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि रुकने से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। केवल जरूरी स्थिति में ही थोड़ी देर के लिए रुकें।
  • मदद के लिए दूसरों को शामिल करें: यदि आसपास लोग मौजूद हैं, तो उनसे एम्बुलेंस बुलाने या आपकी मदद करने के लिए कहें। टीमवर्क से स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।
  • सुरक्षा का ध्यान रखें: यदि स्थान सुरक्षित नहीं है (जैसे सड़क दुर्घटना या बिजली का खतरा), तो पहले खुद की सुरक्षा सुनिश्चित करें, फिर CPR शुरू करें।
  • थकान होने पर बदलाव करें: CPR करते समय थकान आना सामान्य है। अगर कोई और व्यक्ति मौजूद है, तो बारी-बारी से CPR करना बेहतर होता है ताकि गुणवत्ता बनी रहे।

सही तरीके से और समय पर किया गया CPR व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को काफी हद तक बढ़ा सकता है। इसलिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

 

CPR क्यों महत्वपूर्ण है?

CPR एक ऐसी तकनीक है जो आपातकालीन स्थिति में किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब दिल धड़कना बंद कर देता है या व्यक्ति सांस लेना बंद कर देता है, तो शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचना रुक जाता है। ऐसे में CPR एक अस्थायी सहारा देता है, जो मेडिकल मदद आने तक शरीर को कार्यरत बनाए रखता है।

CPR के महत्व को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि बिना ऑक्सीजन के मस्तिष्क कुछ ही मिनटों में प्रभावित होने लगता है। यदि समय पर CPR शुरू कर दिया जाए, तो मस्तिष्क और अन्य अंगों को आवश्यक ऑक्सीजन मिलती रहती है, जिससे स्थायी नुकसान की संभावना कम हो सकती है।

CPR के प्रमुख फायदे:

  • मस्तिष्क को ऑक्सीजन पहुंचाना: यह मस्तिष्क को नुकसान से बचाने में मदद करता है, जो जीवन के लिए सबसे जरूरी अंग है।
  • रक्त प्रवाह बनाए रखना: दिल के काम को अस्थायी रूप से संभालते हुए यह शरीर में रक्त का संचार बनाए रखता है।
  • मेडिकल सहायता तक समय देना: यह डॉक्टर या एम्बुलेंस के आने तक एक महत्वपूर्ण समय प्रदान करता है, जिससे आगे का उपचार संभव हो पाता है।
  • जीवित रहने की संभावना बढ़ाना: कई अध्ययनों में पाया गया है कि समय पर CPR देने से व्यक्ति के बचने की संभावना दोगुनी या तिगुनी तक बढ़ सकती है।

इसलिए CPR केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनरक्षक प्रक्रिया है जो सही समय पर इस्तेमाल होने पर किसी के लिए नई जिंदगी का मौका बन सकती है।

 

CPR सीखना क्यों जरूरी है?

आज के समय में CPR की जानकारी होना केवल मेडिकल प्रोफेशनल्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह एक ऐसा कौशल है जिसे हर व्यक्ति को सीखना चाहिए, क्योंकि आपात स्थिति कहीं भी और कभी भी आ सकती है।

घर, ऑफिस, सड़क या सार्वजनिक स्थान—किसी भी जगह पर अचानक किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे समय में यदि आपको CPR की जानकारी है, तो आप बिना समय गंवाए सहायता प्रदान कर सकते हैं।

CPR सीखने के फायदे:

  • आप किसी की जान बचा सकते हैं: आपकी छोटी सी पहल किसी के जीवन को बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है।
  • आपात स्थिति में आत्मविश्वास बढ़ता है: सही जानकारी होने से आप घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई कर पाते हैं।
  • परिवार और समाज की सुरक्षा: आप अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं।
  • जागरूकता बढ़ती है: CPR सीखने से स्वास्थ्य और आपातकालीन स्थितियों के प्रति आपकी समझ बेहतर होती है।
  • हर व्यक्ति के लिए उपयोगी कौशल: यह ऐसा कौशल है जो किसी भी उम्र या पेशे के व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकता है।

इसलिए CPR सीखना केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह देखा जा सकता है। यह एक ऐसा ज्ञान है जो किसी भी समय, किसी के लिए, बहुत बड़ा फर्क ला सकता है।

 

निष्कर्ष

 

इस लेख के माध्यम से आपने CPR in hindi के बारे में विस्तार से समझा। यह एक सरल लेकिन बेहद महत्वपूर्ण तकनीक है, जो सही समय पर उपयोग करने से किसी की जान बचा सकती है।

आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाना ज्यादा जरूरी होता है। CPR की बुनियादी जानकारी आपको तैयार और आत्मविश्वासी बनाती है, जिससे आप जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दे सकते हैं।

इसके साथ ही, जीवन की अनिश्चित परिस्थितियों के लिए तैयार रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कई लोग अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए Niva Bupa Health Insurance जैसे विकल्पों पर भी विचार करते हैं, ताकि आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों में समय पर और उचित चिकित्सा सहायता प्राप्त करना आसान हो सके।

 

People Also Ask

 

1. CPR in hindi क्या है?

यह एक आपातकालीन प्रक्रिया है जिसमें छाती पर दबाव और सांस देकर व्यक्ति की जान बचाने की कोशिश की जाती है। यह दिल रुकने या सांस बंद होने की स्थिति में किया जाता है।

 

2. CPR कब करना चाहिए?

जब व्यक्ति बेहोश हो और सांस न ले रहा हो, तब CPR करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना बहुत जरूरी होता है।

 

3. क्या बिना ट्रेनिंग के CPR कर सकते हैं?

हाँ, आप hands-only CPR कर सकते हैं जिसमें सिर्फ छाती पर दबाव दिया जाता है। यह भी काफी प्रभावी होता है और आसान होता है।

 

4. CPR कितनी देर तक करना चाहिए?

जब तक व्यक्ति सांस न लेने लगे या मेडिकल मदद न पहुंच जाए। बीच में रुकने से बचना चाहिए।

 

5. CPR से क्या फायदा होता है?

यह मस्तिष्क और शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। इससे व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है।

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