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Piles in Hindi: Bawasir Ke Lakshan और इलाज की जानकारी

22 November, 2024

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piles in hindi

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पाइल्स (Piles), जिसे आम भाषा में बवासीर या हेमोर्रोइड्स (hemorrhoids) कहा जाता है, एक ऐसी आम समस्या है जो आजकल तेजी से लोगों को प्रभावित कर रही है। यह स्थिति तब होती है जब मलाशय (rectum) और गुदा (anus) के आसपास की नसें सूज जाती हैं। इस कारण से वहां गाठें हो जाती हैं जो आंतरिक भी हो सकती हैं व बाहरी भी। इन गांठों को ही बवासीर कहाँ जाता है।  दोनों ही तरह की गांठों के कारण दर्द और असुविधा होती है।

 

हालांकि यह समस्या किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है, लेकिन यह अधिकतर उन लोगों में देखी जाती है जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं, फाइबर (Fibre) की कमी वाले आहार का सेवन करते हैं, या जिन्हें कब्ज की समस्या रहती है।

 

पाइल्स न केवल शारीरिक कष्ट देता है बल्कि मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है। इसके लक्षण और गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। जहां कुछ लोगों को हल्का दर्द और खुजली महसूस होती है, वहीं अन्य लोगों को मल त्याग (excretion) के दौरान तेज दर्द और खून आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सही समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है।

 

इस लेख में हम पाइल्स क्या होता है , खूनी बवासीर का इलाज, और इसे प्रबंधित करने के लिए प्रभावी उपायों पर विस्तृत जानकारी देंगे। अगर आप या आपके किसी परिचित को यह समस्या है, तो यह लेख आपकी मदद करेगा सही जानकारी प्राप्त करने और अपनी स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में।

 

बवासीर के कितने प्रकार होते हैं?

बवासीर को आमतौर पर उनकी गंभीरता और लक्षणों के आधार पर चार ग्रेड (grade) या चरणों में विभाजित किया जाता है:

 

ग्रेड 1

ग्रेड  2

ग्रेड  3

ग्रेड  4

यह शुरुआती अवस्था है, जिसमें सूजन केवल गुदा के अंदर होती है। 

 

 

इसे सामान्यतः देखा या महसूस नहीं किया जा सकता। 

 

यह सबसे कम गंभीर चरण है और अक्सर आहार में बदलाव और घरेलू उपचार से ठीक हो सकता है।

बवासीर मल त्याग के दौरान गुदा से बाहर निकलता है लेकिन स्वाभाविक रूप से वापस अंदर चला जाता है।

 

लक्षणों में खून आना, हल्का दर्द, और असुविधा शामिल है।

 

इसे प्रबंधित करने के लिए दवाएं और उच्च फाइबर आहार की सलाह दी जाती है।

बवासीर मल त्याग या शारीरिक तनाव के दौरान गुदा से बाहर आ जाता है और इसे हाथ से अंदर धकेलना पड़ता है।

 

इस चरण में अधिक दर्द, खून आना, और सूजन हो सकती है।

 

इसका उपचार आमतौर पर दवाओं या सर्जरी द्वारा किया जाता है।

यह सबसे गंभीर अवस्था है, जहां बवासीर स्थायी रूप (permanently) से गुदा के बाहर रहता है और इसे हाथ से अंदर नहीं धकेला जा सकता।

 

 

इसमें अत्यधिक दर्द, सूजन, और खून आने की समस्या होती है।

 

इलाज के लिए सर्जरी (surgery) या लेजर (laser) उपचार की आवश्यकता होती है।

 

Bawasir Ke Lakshan

बवासीर के लक्षण स्थिति की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। यहां कुछ प्रमुख लक्षण दिए गए हैं:

 

  • गुदा क्षेत्र में दर्द और जलन: बवासीर के कारण गुदा के आसपास गंभीर दर्द हो सकता है।
  • खून का आना: खूनी बवासीर में मल त्याग के दौरान खून आना सामान्य है।
  • गुदा क्षेत्र में खुजली: गुदा के आसपास खुजली और असुविधा महसूस होना।
  • मलाशय में सूजन: सूजन के कारण गुदा के पास गांठ बन सकती है।
  • मल त्याग में कठिनाई: मल त्याग के दौरान दर्द और असुविधा।

 

पाइल्स के कारण

बवासीर के होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

 

 

  • कब्ज: लंबे समय तक कब्ज(constipation) की समस्या होने से मल त्याग में दबाव बढ़ता है, जिससे बवासीर हो सकता है।  
  • गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान गुदा की नसों पर दबाव पड़ने से बवासीर की समस्या हो सकती है।  
  • लंबे समय तक बैठना: अधिक समय तक बैठने से गुदा क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है।  
  • अधिक वजन: मोटापे(obesity) के कारण शरीर में रक्त प्रवाह में समस्या हो सकती है।

बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

हालांकि डॉक्टर की सलाह का कोई विकल्प नहीं होता, पर सही खान पान से आप अपनी बीमारी को काफी हद तक सही कर सकते हैं।  क्या आप जानते हैं की बवासीर में भी कुछ खाने की वस्तुएँ परहेज़ की जानी चाहिए? साथ ही कुछ व्यंजन ऐसे हैं जो आपको इस बीमारी में राहत पहुंचा सकते हैं। आइए इनके बारे में और जानते हैं :

 

बवासीर में क्या खाना चाहिए

बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए

फाइबर से भरपूर आहार जैसे फल, सब्जियां, अनाज व दालें पाचन तंत्र को सही बनाए रखने में मदद करता है और मल को नरम बनाता है।

मसालेदार और तले हुए खाद्य पदार्थ गुदा में जलन बढ़ा सकते हैं।

पानी और तरल (liquid) पदार्थ अधिक मात्रा में लेने से शरीर हाइड्रेट (hydrate) रहता है और कब्ज की समस्या नहीं होती।

पिज्जा, बर्गर और अन्य जंक फूड से बचें क्योंकि यह कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है।

पाचन को सुधारने के लिए प्रोबायोटिक्स (pro-biotics) लें। दही, छाछ, किमची, या अचार वाली सब्जियां खाएं।

चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन पानी की कमी का कारण बन सकता है।

ओमेगा-3 (omega-3) सूजन कम करता है। यह अलसी के बीज, चिया सीड्स, व अखरोट में पाया जाता है ।

शराब से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे मल त्याग में कठिनाई हो सकती है।

बवासीर का निदान (Diagnosis) कैसे करें?

अगर आपको बवासीर के सिम्पटम्स (symptoms) मेहसूस हो रहे हैं तो आपको बिना देर किए इसकी जांच करनी चाहिए। नीचे दिए गए स्टेप्स (steps) आपकी मदद कर सकते हैं:

 

  • सबसे पहले एक प्रतिष्ठित डॉक्टर के साथ अपपोटेंमेंट (appointment) लें।  डॉक्टर को अपने लक्षणों के बारे में विस्तार से बताएं।
  • उसके बाद डॉक्टर प्रभावित क्षेत्र की जांच करके बाहरी बवासीर का पता लगाते हैं। आंतरिक बवासीर के लिए  डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन (Digital Rectal Examination) की जाती है।
  • मल में खून या संक्रमण की जांच के लिए स्टूल टेस्ट (stool test) किया जा सकता है।
  • सभी परीक्षणों और जांचों के आधार पर बवासीर की पुष्टि की जाती है और उचित पाइल्स का इलाज  निर्धारित किया जाता है।

 

इन परीक्षणों के बाद डॉक्टर बवासीर के प्रकार (आंतरिक या बाहरी) और उसकी गंभीरता को समझकर इलाज की सलाह देते हैं।

 

बवासीर का घरेलू उपचार

अगर बवासीर शुरुआती अवस्था में है, तो इसे घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है। यहां बवासीर का घरेलू उपचार दिया गया है:

 

  • गुनगुने पानी का उपयोगगुनगुने पानी से गुदा क्षेत्र की सफाई करने से दर्द और जलन में आराम मिलता है।
  • फाइबर युक्त आहार: हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है।
  • एलोवेरा जेल: गुदा क्षेत्र पर एलोवेरा जेल लगाने से सूजन और जलन में राहत मिलती है।
  • तिल के तेल का उपयोग: तिल के तेल से गुदा की मालिश करने से दर्द में आराम मिलता है।
  • त्रिफला चूर्ण: सोने से पहले त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।

 

Piles Treatment in Hindi

अगर घरेलू उपचार से बवासीर ठीक नहीं होता, तो डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है। बवासीर का इलाज कई प्रकार से किया जा सकता है:

 

  • दवाएं: दर्द और सूजन कम करने के लिए डॉक्टर दर्द निवारक और एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं देते हैं।
  • रबर बैंड लिगेशन: इस प्रक्रिया में बवासीर की गांठ पर रबर बैंड बांध दिया जाता है, जिससे रक्त प्रवाह रुक जाता है।
  • सर्जरी: गंभीर स्थिति में बवासीर को सर्जरी द्वारा हटाया जा सकता है।
  • लेजर उपचार: आधुनिक तकनीक से बवासीर का लेजर से इलाज किया जाता है, जो दर्द रहित और तेज़ है।

 

पाइल्स समस्या समाधान के लिए सावधानियां

इस समस्या से निपटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए:

 

आहार में बदलाव

  • फाइबर युक्त आहार: फाइबर से भरपूर आहार जैसे फल, सब्जियां, और साबुत अनाज का सेवन करें। यह मल को नरम बनाता है और कब्ज से बचाता है।
  • पानी का पर्याप्त सेवन: दिन भर में पर्याप्त पानी पीएं ताकि मल मुलायम रहे।
  • मसालेदार और तले हुए भोजन से बचें: ये भोजन पाइल्स की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
  • कॉफी और शराब का सेवन कम करें: ये पेय पदार्थ पाइल्स को उत्तेजित कर सकते हैं।

 

जीवनशैली में बदलाव

  • नियमित व्यायामनियमित व्यायाम डाइजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • भारी वस्तुओं को उठाने से बचें: भारी वस्तुओं को उठाने से पेट पर दबाव बढ़ता है, जिससे पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है।
  • लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से बचें: लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने से पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है।
  • गर्म पानी से स्नान: गर्म पानी से नहाने पर सूजन और दर्द में आराम मिलता है।

 

क्या आपको चिकित्सक के पास जाना चाहिए ?

हाँ, बवासीर के लक्षण महसूस होने पर चिकित्सक के पास जाना आवश्यक है। यदि घरेलू उपायों और ओवर-द-काउंटर (over-the-counter) दवाओं से राहत नहीं मिल रही हो या लक्षण समय के साथ बिगड़ रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। आपको ये भी याद रखना चाहिए की खून आना केवल बवासीर का नहीं, बल्कि अन्य गंभीर समस्याओं जैसे कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इसीलिए आपको डॉक्टर की सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

 

निष्कर्ष

बवासीर एक सामान्य लेकिन असुविधाजनक समस्या है। इसे शुरुआती चरण में पहचानकर घरेलू उपचार और सही आहार से ठीक किया जा सकता है। अगर स्थिति गंभीर हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें और उचित इलाज करवाएं।

 

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पाइल्स होने का कारण क्या है?

पाइल्स (बवासीर) होने के मुख्य कारण ये हो सकते हैं:

 

कब्ज की समस्या (बार-बार जोर लगाने से)

फाइबर की कमी वाला भोजन

लंबे समय तक बैठना

गर्भावस्था

ज्यादा मसालेदार खाना और तला-भुना भोजन

शारीरिक गतिविधि की कमी

मोटापा और तनाव

 

इन कारणों से गुदा (anal area) की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे पाइल्स हो जाता है।

पाइल्स को जड़ से खत्म करने के लिए क्या करें?

पाइल्स को जड़ से ठीक करने के लिए निम्न उपाय करें:

 

फाइबर युक्त भोजन लें – जैसे फल, सब्ज़ियां, दलिया, चोकर वाली रोटी।

ढेर सारा पानी पिएं – दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास।

कब्ज न होने दें – नियमित मल त्याग करें, जोर न लगाएं।

गर्म पानी में बैठें (sitz bath) – दिन में 1-2 बार।

तली-भुनी और मसालेदार चीज़ों से बचें।

हल्की एक्सरसाइज या योग करें।

 

ज़रूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से दवा या सर्जरी भी करवाई जा सकती है।

कौन सा फल खाने से बवासीर ठीक होता है?

बवासीर में मददगार फल:

 

पपीता – पाचन ठीक करता है और कब्ज दूर करता है।

अंजीर (सूखे या ताजे) – भीगे हुए अंजीर खाने से आराम मिलता है।

केला – मल को नरम करता है।

सेब – फाइबर से भरपूर होता है।

अमरूद – बीज समेत खाने से कब्ज नहीं होता।

 

इन फलों से मल नरम रहता है और पाइल्स में राहत मिलती है।

कौन सा बवासीर खतरनाक है?

पाइल्स दो तरह के होते हैं:

 

आंतरिक बवासीर (Internal piles) – गुदा के अंदर होता है, खून आ सकता है, पर दर्द नहीं होता।

बाहरी बवासीर (External piles) – गुदा के बाहर गांठ बन जाती है, दर्द और सूजन होती है।

 

थ्रॉम्बोस्ड पाइल्स (जब गांठ में खून जम जाता है) सबसे ज्यादा दर्दनाक और खतरनाक हो सकता है। अगर बहुत ज्यादा खून आ रहा हो या तेज़ दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 

क्या बवासीर पूरी तरह से ठीक हो सकता है?

हाँ, बवासीर का पूरी तरह से इलाज संभव है, खासकर यदि इसे समय पर उपचार किया जाए। शुरुआती चरणों में आहार और जीवनशैली में बदलाव से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अधिक गंभीर मामलों के लिए चिकित्सा प्रक्रियाएं जैसे रबर बैंड लिगेशन (Rubber Band Ligation), लेजर थेरेपी (Laser Therapy), या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। सही उपचार के बाद, यह समस्या पूरी तरह से ठीक हो सकती है।

क्या बवासीर के इलाज के बाद पुनः बवासीर होने का खतरा होता है?

हां, बवासीर का इलाज कराने के बाद भी पुनः बवासीर हो सकता है, खासकर अगर जीवनशैली और आहार में उचित बदलाव नहीं किए जाएं। कब्ज, लंबे समय तक बैठना, और मसालेदार भोजन जैसी आदतें बवासीर का कारण बन सकती हैं, इसलिए इनसे बचाव करना आवश्यक है।

क्या बवासीर का इलाज बिना सर्जरी के पूरी तरह से हो सकता है?

जी हां, बवासीर का इलाज बिना सर्जरी के भी संभव है, खासकर यदि यह शुरुआती चरण में हो। फाइबर युक्त आहार, उचित जल सेवन, और घरेलू उपचार जैसे गुनगुने पानी से सिट्ज़ बाथ (Sitz bath) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory)  दवाएं बवासीर के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

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