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पीरियड्स देर से आ रहे हैं? जानें कारण और 7 घरेलू उपाय

2 April, 2026

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पीरियड लाने का उपाय

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Written by: Narender Singh

क्या आपके पीरियड्स इस महीने लेट हो गए हैं? अगर हाँ, तो आप अकेली नहीं हैं। बहुत सी महिलाएँ हर महीने इस परेशानी से गुज़रती हैं और सोचती रहती हैं कि पीरियड्स न आए तो क्या करें। कभी-कभी एक या दो दिन की देरी सामान्य होती है, लेकिन अगर पीरियड्स एक हफ़्ते या उससे ज़्यादा लेट हो जाएँ, तो यह ज़रूर सोचने वाली बात है। इस ब्लॉग में हम बात करेंगे पीरियड्स देर से आने के कारणों की और साथ ही बताएँगे पीरियड लाने के घरेलू उपाय जो आप घर पर आसानी से आज़मा सकती हैं।

 

पीरियड्स में देरी के आम कारण

पीरियड्स के समय पर न आना शरीर में चल रही किसी उथल-पुथल का संकेत हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। देरी के कारणों को समझकर ही सही पीरियड लाने का उपाय चुना जा सकता है।

 

  • मानसिक और शारीरिक तनाव: तनाव हमारे शरीर के हॉर्मोन्स पर सीधा असर डालता है। जब हम बहुत अधिक स्ट्रेस में होते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल नामक हॉर्मोन बढ़ जाता है, जो प्रजनन हॉर्मोन्स के संतुलन को बिगाड़ देता है। इससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया रुक सकती है या उसमें देरी हो सकती है, जिससे पीरियड्स समय पर नहीं आते।
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS): आजकल महिलाओं में पीसीओएस की समस्या बहुत आम हो गई है। इसमें अंडाशय में छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं, जिसकी वजह से हॉर्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं। इसकी वजह से पीरियड्स बहुत देर से आते हैं या फिर कई महीनों तक नहीं आते।
  • वजन का अचानक बढ़ना या कम होना: शरीर का वजन पीरियड्स के चक्र को बहुत प्रभावित करता है। अगर आपका वजन अचानक बहुत बढ़ गया है या आपने बहुत ज्यादा वजन घटा लिया है, तो इससे एस्ट्रोजन हॉर्मोन के स्तर में बदलाव आता है, जिससे पीरियड साइकिल डिस्टर्ब हो जाती है।
  • थायराइड की समस्या: थायराइड ग्रंथि मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। अगर यह ग्रंथि बहुत अधिक या बहुत कम काम कर रही है, तो इसका सीधा असर पीरियड्स पर पड़ता है। हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही स्थितियों में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
  • लिवर के स्वास्थ्य का प्रभाव: लिवर का स्वास्थ्य भी पीरियड्स को प्रभावित करता है, क्योंकि यह एस्ट्रोजन जैसे हॉर्मोन्स को नियंत्रित करता है। लिवर में समस्या होने पर हॉर्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे पीरियड साइकिल बिगड़ जाती है। इसलिए लिवर का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है।

 

पीरियड्स लाने के 7 प्राकृतिक और घरेलू उपाय

अगर आपके पीरियड्स में देरी हो रही है और आप किसी दवा के बजाय प्राकृतिक तरीकों को प्राथमिकता देना चाहती हैं, तो पीरियड लाने के घरेलू उपाय बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। ये नुस्खे सदियों से अपनाए जा रहे हैं और इनके दुष्प्रभाव भी कम होते हैं।

 

  1. कच्चे पपीते का सेवन: कच्चा पपीता पीरियड्स लाने का एक प्रभावी घरेलू उपाय है। यह गर्भाशय की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे पीरियड्स आने में मदद मिलती है। इसे सलाद या जूस के रूप में कुछ दिनों तक लिया जा सकता है।
  2. अदरक की चाय: अदरक शरीर में गर्मी बढ़ाकर रक्त प्रवाह बेहतर करती है, जिससे पीरियड्स आने में मदद मिल सकती है। अदरक की चाय एक अच्छा घरेलू उपाय है, जिसे उबालकर और शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
  3. दालचीनी का जादू: दालचीनी केवल एक मसाला नहीं है, बल्कि यह हॉर्मोन्स को संतुलित करने के लिए भी जानी जाती है। यह शरीर के भीतर गर्मी पैदा करती है और इंसुलिन के स्तर को भी नियंत्रित रखती है, जो पीसीओएस जैसी समस्याओं में बहुत प्रभावी है। आप इसे गर्म दूध के साथ या चाय में मिलाकर ले सकती हैं।
  4. सौंफ के पानी का उपयोग: सौंफ में ऐसे गुण होते हैं जो पीरियड्स को नियमित करने में मदद करते हैं। दो चम्मच सौंफ को एक गिलास पानी में रातभर के लिए भिगो दें और सुबह उस पानी को उबालकर गुनगुना होने पर पिएं। यह पीरियड लाने के घरेलू उपाय में एक सुरक्षित और आसान तरीका है।
  5. हल्दी वाला दूध: हल्दी में सूजन-रोधी गुण होते हैं और यह गर्भाशय के रक्त प्रवाह को उत्तेजित करने में मदद करती है। रोजाना रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से पीरियड्स समय पर आने लगते हैं और इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
  6. अजवाइन और गुड़ का काढ़ा: अजवाइन और गुड़ का मेल पीरियड्स के दर्द को कम करने के साथ-साथ रुकी हुई महावारी को शुरू करने में भी सहायक है। एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन और थोड़ा सा गुड़ डालकर अच्छी तरह उबालें। इस काढ़े को गुनगुना करके खाली पेट पीना बहुत फायदेमंद होता है।
  7. अनानास का सेवन: अनानास में ब्रोमेलैन नामक एक एंजाइम होता है, जो गर्भाशय की परत को नरम करने और हॉर्मोन्स को विनियमित करने में मदद करता है। यह रक्त के प्रवाह को भी सुचारू बनाता है। रोजाना ताजा अनानास खाने से पीरियड्स की अनियमितता को दूर किया जा सकता है।

 

स्वस्थ जीवनशैली के लिए मुख्य टिप्स:

घरेलू उपायों के साथ-साथ जीवनशैली में कुछ बदलाव करना भी बहुत आवश्यक है। अक्सर हम बाहरी नुस्खों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन अपनी दैनिक आदतों को बदलना भूल जाते हैं। यदि आप पीरियड्स न आएँ तो क्या करें जैसी उलझन में हैं, तो सबसे पहले अपनी दिनचर्या पर नज़र डालें। पर्याप्त नींद लेना सबसे पहला कदम होना चाहिए। कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद शरीर को रिकवर करने और हॉर्मोन्स को संतुलित करने का मौका देती है।

 

इसके अलावा, नियमित व्यायाम करना भी उतना ही जरूरी है। बहुत भारी कसरत करने की जरूरत नहीं है, लेकिन रोजाना 30 मिनट की पैदल चाल या योग आपके रक्त संचार को बेहतर बना सकता है। खान-पान में जंक फूड और अत्यधिक मीठी चीजों से परहेज करें, क्योंकि ये शरीर में सूजन पैदा करते हैं और हॉर्मोन्स को बिगाड़ते हैं। ताजे फल, हरी सब्जियां और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आपके शरीर को अंदर से साफ और ऊर्जावान बनाए रखेगा। तनाव कम करने के लिए ध्यान या मेडिटेशन का सहारा लें, क्योंकि शांत मन ही एक स्वस्थ शरीर की नींव है। अगर आप नियमित रूप से अपनी जीवनशैली को संतुलित रखती हैं, तो पीरियड लेट हो तो क्या करें: घरेलू उपाय जैसे सवालों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

 

प्रमुख चिकित्सा उपचार के प्रकार

कभी-कभी घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव भी पर्याप्त नहीं होते। अगर आपके पीरियड्स लगातार दो-तीन महीनों से मिस हो रहे हैं, तो यह समय किसी डॉक्टर से सलाह लेने का है। डॉक्टर आपकी स्थिति की जांच करने के बाद कुछ टेस्ट करवा सकते हैं, जैसे कि अल्ट्रासाउंड या हॉर्मोन प्रोफाइल टेस्ट। इसके बाद ही वे उचित पीरियड लाने की दवा लिख सकते हैं।

 

डॉक्टर आमतौर पर गर्भनिरोधक गोलियां या प्रोजेस्टेरोन सप्लीमेंट्स देते हैं ताकि मासिक धर्म चक्र को फिर से नियमित किया जा सके। यह महत्वपूर्ण है कि आप बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा न लें, क्योंकि हर महिला का शरीर और उसकी स्वास्थ्य समस्याएं अलग होती हैं। सही निदान ही आपको सही उपचार की ओर ले जाएगा। जब भी आपको लगे कि पीरियड्स की अनियमितता के साथ-साथ वजन बढ़ना, अनचाहे बाल आना या चेहरे पर मुहांसे जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो देरी किए बिना मेडिकल राय लेना सबसे बेहतर विकल्प है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि पीरियड लाने की दवा केवल लक्षणों का इलाज करती है, जबकि आपको समस्या की जड़ तक पहुंचना होता है।

 

निष्कर्ष (Conclusion):

पीरियड्स का लेट होना आम बात हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। इसके पीछे तनाव, हॉर्मोनल बदलाव या लाइफस्टाइल जैसी कई वजहें हो सकती हैं, इसलिए सही कारण समझना जरूरी है। घरेलू उपाय और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस समस्या में सुधार लाया जा सकता है। साथ ही, अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य बीमा होना भी जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर सही इलाज मिल सके। अगर समस्या बार-बार बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. पीरियड्स लेट क्यों होते हैं?

तनाव, हॉर्मोनल असंतुलन, वजन में बदलाव या PCOS जैसी समस्याएं इसके कारण हो सकती हैं।

 

2. पीरियड्स जल्दी लाने के लिए क्या करें?

कुछ घरेलू उपाय जैसे अदरक, पपीता और दालचीनी मदद कर सकते हैं, साथ ही नियमित दिनचर्या जरूरी है।

 

3. क्या घरेलू उपाय सुरक्षित हैं?

अधिकतर घरेलू उपाय सुरक्षित होते हैं, लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में और सही तरीके से अपनाना चाहिए।

 

4. कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

 अगर पीरियड्स 2–3 महीने तक लगातार मिस हों या अन्य लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। 

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