Gala Baithne Jaye To Kya Kare? Jaanein Turant Rahat Ke Gharelu Nuskhe
22 July, 2025
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क्या आपने कभी सुबह उठते ही महसूस किया है कि गला भारी लग रहा है, आवाज़ फटी-फटी सी निकल रही है या फिर हल्का दर्द हो रहा है? ऐसा अक्सर बदलते मौसम, ठंडी चीज़ों के सेवन या लंबे समय तक लगातार बोलने की वजह से होता है। ये सभी गले के बैठने के आम कारण हैं, और अगर ध्यान दें तो ये हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा भी बन चुके हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि gala baith jaye to kya kare? हर बार डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं होता। ऐसे समय में घरेलू उपाय बेहद मददगार साबित होते हैं, ये आसानी से उपलब्ध होते हैं और ज़्यादातर असरदार भी होते है।
गला बैठने पर तुरंत राहत के घरेलू नुस्खे
घरेलू नुस्खे वे पारंपरिक और सदियों पुराने उपाय होते हैं जो घर में आसानी से available ingredients का use करके छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं, सौंदर्य संबंधी परेशानियों या सामान्य घरेलू परेशानी जैसे खांसी- जुकाम को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। अगर आपको अपने गले में खराश या भारीपन लग रहा है और आप यह सोच रहे है की gala baith jaye to kya kare, तो नीचे दिए हुए घरेलु नुस्खों का इस्तेमाल किया जा सकता है:
गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे
यह सबसे पुराना और सबसे प्रभावी उपाय है। नमक में antiseptic गुण होते हैं जो आपके गले के इंफेक्शन को कम करने में मदद करता है और सूजन से भी राहत दिलाते हैं।
एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। फिर इस पानी से दिन में 3-4 बार गरारे करें। यह आपके गले की सूजन और दर्द को कम करने में सहायक है और आपको काफी राहत देगा।
शहद और अदरक का मिश्रण
याद हैं, जब पहले के समय में नानी- दादी कैसे गाला ख़राब होने पर तुरंत शहद और अदरक चटा देती थीं। यह बहुत पुराण और असरदार तरीका है। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और शहद आपके गले को soothe करता है व खांसी से राहत दिलाता है।
एक इंच अदरक के टुकड़े को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और धीरे-धीरे चाटे। आप इसे दिन में 2-3 बार ले सकते हैं। यह गले की खराश और कफ को भी कम करता है।
हल्दी वाला दूध
हल्दी के बेनिफिट्स के बारे में हम सब वाकिफ़ है। हल्दी वाला दूध को उसके मेडिसिनल गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं।
एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं और रात को सोने से पहले इसका सेवन करें। यह आपके गले के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में बहुत असरदार है।
मुलेठी का सेवन
मुलेठी गले के लिए एक बेहतरीन दवाई है। मुलेठी के सेवन से आपके गले की सूजन और खराश को काफी आराम मिल सकता है।
मुलेठी के छोटे टुकड़े को धीरे-धीरे चूसें। आप मुलेठी की चाय भी बना सकते हैं। एक कप गर्म पानी में एक चम्मच मुलेठी पाउडर डालकर 5-10 मिनट तक उबालें और फिर छानकर पी लें।
स्टीम लेना (भाप लेना)
अगर आपका गाला ख़राब हो गया है और आप सोच रहे है की gala baith jaye to kya kare? तो आप स्टीम ले। भाप आपके गले की खुश्की को दूर करती है और कफ को ढीला करने में मदद करती है, जिससे आपके गले को आराम मिलता है।
एक बड़े बर्तन में गर्म पानी लें और अपने सिर को तौलिए से ढक कर बर्तन के ऊपर झुकें और धीरे-धीरे भाप को अंदर लें। आप पानी में नीलगिरी (eucylaptus) का तेल या विक्स वेपोरब की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं। दिन में 2-3 बार ऐसा करें।
लहसुन का सेवन
लहसुन में एलिसिन नामक compound होता है, जिसमें शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। इसके सेवन से खांसी-जुखाम में रहत मिलती है।
लहसुन की एक कली को धीरे-धीरे चूसें या आप इसे खाने में शामिल करें। हालांकि, इसका कच्चा सेवन ज़्यादा फायदेमंद होता है।
अजवाइन और तुलसी का काढ़ा
अजवाइन और तुलसी दोनों में ही औषधीय गुण होते हैं जो सर्दी-खांसी और गले की समस्याओं में राहत देते हैं।
एक कप पानी में एक चम्मच अजवाइन और 5-6 तुलसी के पत्ते डालकर उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर गुनगुना पी लें। आप चाहे तो इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।
निष्कर्ष
गला बैठना एक आम समस्या है, लेकिन सही समय पर सही घरेलू उपचार अपनाकर आप इससे जल्दी राहत पा सकते हैं। हमारी रसोई में छिपी ये औषधियां अक्सर किसी भी दवा से ज़्यादा कारगर साबित होती हैं। अपनी जीवनशैली में इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपने गले को स्वस्थ रख सकते हैं और बदलती ऋतुओं के प्रभाव से भी बच सकते हैं।
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Disclaimer: उपरोक्त जानकारी केवल सन्दर्भ हेतु है। प्रमाणित चिकित्सीय सलाह के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्वास्थ्य बीमा लाभ पॉलिसी की शर्तों व नियमों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ देखें।
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गला बैठने का मुख्य कारण क्या है?
गला बैठने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण (जैसे सर्दी या फ्लू), एलर्जी, बहुत ज़्यादा चिल्लाना या गाना, एसिड रिफ्लक्स, या ड्राई air शामिल हैं।
क्या ठंडा पानी पीने से गला बैठ सकता है?
हाँ, ठंडा पानी या ठंडी चीज़ें सीधे तौर पर गले को बैठा नहीं सकतीं, लेकिन यह गले में सूजन या खराश को बढ़ा सकती हैं, खासकर यदि गला पहले से ही संवेदनशील हो या आप संक्रमण से जूझ रहे हों।
बच्चों में गला बैठने पर क्या करें?
बच्चों में गला बैठने पर उन्हें गुनगुने पानी का सेवन कराएं, शहद दें (1 साल से ऊपर के बच्चों को), और डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें, खासकर यदि बच्चा छोटा हो या उसे बुखार जैसे अन्य लक्षण हों।
क्या धूम्रपान और शराब पीने से गला बैठता है?
हाँ, धूम्रपान और शराब का सेवन गले की muscles में जलन पैदा कर सकता है और उन्हें ड्राई बना सकता है, जिससे गले में खराश और आवाज़ में बदलाव (गला बैठना) हो सकता है। यह लंबी अवधि में गले को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
गला बैठने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
गला बैठने पर नरम और गुनगुना भोजन जैसे खिचड़ी, दलिया, सूप, और गुनगुना पानी पिएं। ठंडा, मसालेदार, तैलीय और अम्लीय खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि वे गले में जलन पैदा कर सकते हैं।
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