Best Health Insurance Company in India

Rabies ke Lakshan: बीमारी की पहचान, शुरुआती लक्षण और बचाव

13 January, 2026

8 Shares

670 Reads

Rabies ke Lakshan

Share

आजकल के लोगो के बीच में जानवरो को लेकर एक emotional connection सा बन गया  है, चाहे वह pet हो या street का कोई जानवर। सड़क पर चलते हुए, सुबह की walk के दौरान या किसी सफ़र में कई बार हमारा सामना जानवरों से हो जाता है। ऐसे में अगर कभी किसी जानवर के काटने या खरोंच की घटना हो जाए, तो ज़्यादातर लोग इसे छोटा सा मामला समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

 

चाहे जानवर पालतू हो या गली का हो, हर ऐसी स्थिति में रेबीज़ का खतरा मौजूद रहता है। कई लोग यह मान लेते हैं कि अगर जानवर शांत था या घाव ज़्यादा बड़ा नहीं है, तो कोई परेशानी नहीं होगी। कुछ लोग vaccination के नाम पर भी गलतफहमी में रहते हैं और सोचते हैं कि अब जोखिम खत्म हो गया है, क्योकि जानवर को vaccination लगा हुआ है। लेकिन यह सच नहीं है। क्योंकि आपको भी vaccination लगी होनी चाहिए। 

 

हकीकत यह है कि रेबीज़ एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो शरीर के nervous system को प्रभावित करती है। Rabies ke lakshan लक्षण तुरंत सामने नहीं आते, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होते हैं। इसी वजह से लोग समय रहते इसकी पहचान नहीं कर पाते और इलाज में देरी हो जाती है। 

 

यही कारण है कि रेबीज़ को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। आइये इसके बारे में विस्तार में चर्चा करें। 

 

रेबीज क्या है और यह कैसे फैलता है?

रेबीज एक 'ज़ूनोटिक' (Zoonotic) बीमारी है, जिसका अर्थ है कि यह जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह 'लिस्सावायरस' (Lyssavirus) के कारण होता है, जो सीधे आपके मुख्य नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) पर हमला करता है।

 

जब कोई संक्रमित जानवर (जैसे कुत्ता, बिल्ली, बंदर या चमगादड़) किसी इंसान को काटता है या खरोंचता है, तो उसकी लार में मौजूद वायरस ज़ख्म के ज़रिए शरीर में प्रवेश कर जाता है। यदि संक्रमित जानवर आपकी कटी हुई त्वचा या आँखों/मुँह के संपर्क में आता है, तो भी संक्रमण का खतरा रहता है। 

 

रेबीज के पनपने का समय (Incubation Period)

क्या आप जानते है की संक्रमण होने और लक्षण दिखने के बीच के समय को 'इन्क्यूबेशन पीरियड' कहा जाता है। आमतौर पर, यह समय 1 से 3 महीने का होता है, लेकिन कभी-कभी यह एक हफ्ते से लेकर एक साल तक भी हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि जानवर ने शरीर के किस हिस्से पर काटा है। यदि काटना दिमाग के पास (जैसे चेहरे या गर्दन पर) है, तो rabies ke lakshan बहुत जल्दी दिखाई दे सकते हैं।

 

रेबीज के प्रमुख लक्षण (Symptoms of Rabies)

रेबीज के लक्षणों को मुख्य रूप से तीन चरणों में समझा जा सकता है। याद रखें, लक्षणों की पहचान करना इसलिए ज़रूरी है ताकि स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके, हालांकि इलाज काटने के तुरंत बाद ही शुरू हो जाना चाहिए।

 

शुरुआती चरण (Prodromal Stage)

शुरुआत में इसके लक्षण किसी सामान्य फ्लू या बुखार जैसे लग सकते हैं, जिससे लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।

  • बुखार और सिरदर्द: शरीर का तापमान बढ़ना और लगातार सिर में भारीपन महसूस होना।
  • काटने वाली जगह पर झुनझुनी: जहाँ जानवर ने काटा था, उस जगह पर खुजली, जलन या सुन्नपन (tingling sensation) महसूस होना सबसे शुरुआती rabies ke lakshan में से एक है।
  • थकान और बेचैनी: बिना किसी काम के भी बहुत ज़्यादा कमजोरी महसूस करना।

 

न्यूरोलॉजिकल चरण (Furious Rabies)

 

जैसे-जैसे वायरस दिमाग तक पहुँचता है, व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आने लगता है। इसे 'फ्यूरियस रेबीज' कहा जाता है।

  • अत्यधिक उत्तेजना (Agitation): बात-बात पर गुस्सा आना या बहुत ज़्यादा सक्रिय हो जाना।
  • भ्रम (Confusion): व्यक्ति को यह समझ नहीं आता कि उसके आसपास क्या हो रहा है।
  • पानी से डर (Hydrophobia): यह रेबीज का सबसे अनोखा और डरावना लक्षण है। मरीज को पानी पीने या पानी देखने मात्र से गले में ऐंठन (spasms) होने लगती है और वह बुरी तरह डर जाता है।
  • हवा से डर (Aerophobia): ताजी हवा या पंखे की हवा के झोंके से भी मरीज को घबराहट होने लगती है।

 

अंतिम चरण (Paralytic Rabies)

 

कुछ मामलों में रेबीज 'पैरालिटिक' रूप ले लेता है।

  • इसमें मरीज को पानी से डर नहीं लगता, लेकिन उसके शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं (Paralysis)।
  • मरीज को निगलने में बहुत परेशानी होती है, जिससे मुँह से झाग या लार टपकने लगती है।
  • अंततः यह कोमा और मृत्यु का कारण बनता है।

 

जानवरों में Rabies Ke Lakshan कैसे पहचानें?

 

यदि आप किसी जानवर के काटने का शिकार हुए हैं, तो उस जानवर पर नज़र रखना भी ज़रूरी है। एक पागल या संक्रमित कुत्ते में ये rabies ke lakshan दिखाई दे सकते हैं:

  • अकारण किसी पर भी हमला करना या काटना।
  • मुँह से बहुत ज़्यादा लार टपकना।
  • आवाज़ में बदलाव (अजीब तरह से भौंकना)।
  • अंधेरे कोनों में छिपना या सुस्त हो जाना।
  • बिना किसी वजह के खाना-पीना छोड़ देना।

 

जानवर के काटने पर तुरंत क्या करें? 

 

यदि आपको या आपके किसी परिचित को किसी जानवर ने काट लिया है, तो डॉक्टर के पास पहुँचने से पहले ये कदम उठाएं:

  • साबुन और पानी: घाव को तुरंत बहते हुए पानी के नीचे रखें और कम से कम 15 मिनट तक साबुन से अच्छी तरह धोएं। यह वायरस की मात्रा को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
  • एंटीसेप्टिक का प्रयोग: घाव पर आयोडीन या स्पिरिट/अल्कोहल लगाएं।
  • पट्टी न बांधें: रेबीज वाले घाव को खुला रखना बेहतर होता है, उसे कसकर पट्टी से न ढकें।
  • तुरंत डॉक्टर से मिलें: बिना देर किए नजदीकी अस्पताल जाएं और 'रेबीज रोधी टीका' (Anti-Rabies Vaccine) लगवाएं।

 

बचाव ही इलाज है: टीकाकरण (Vaccination)

 

रेबीज का इलाज केवल लक्षणों के दिखने से पहले ही संभव है।

  • पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP): जानवर के काटने के बाद दिए जाने वाले टीकों का कोर्स। इसे 0, 3, 7, 14 और 28वें दिन (डॉक्टर के अनुसार) लगवाना अनिवार्य है।
  • प्री-एक्सपोज़र वैक्सीनेशन: यदि आपके घर में पालतू जानवर हैं या आप ऐसी जगह काम करते हैं जहाँ जानवरों का खतरा ज़्यादा है, तो आप पहले से ही वैक्सीन लगवा सकते हैं।

 

निष्कर्ष

 

रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन यह पूरी तरह से रोकी जा सकती है। केवल अपनी जानकारी और सही समय पर लिए गए एक्शन से आप किसी की जान बचा सकते हैं। Rabies ke lakshan को जानना और दूसरों को जागरूक करना समाज के प्रति आपकी एक बड़ी जिम्मेदारी है। याद रखें, किसी भी आवारा जानवर का काटना 'छोटा' नहीं होता।

 

स्वास्थ्य संबंधी ऐसी आपात स्थितियाँ (medical emergencies) न केवल शारीरिक और मानसिक तनाव लाती हैं, बल्कि आपके बैंक बैलेंस पर भी भारी पड़ सकती हैं। एक अस्पताल का दौरा और इलाज की प्रक्रिया काफी खर्चीली हो सकती है। 

 

बीमारी से लड़ने के लिए आपके पास मानसिक शांति और आर्थिक मजबूती दोनों होनी चाहिए। इसीलिए, आपको अपने और अपने परिवार के लिए एक सुरक्षा के लिए हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) ज़रूर लेना चाहिए। 

 

निवा बूपा के हेल्थ इंश्योरेंस प्लान आपको ऐसी अनिश्चितताओं के समय वित्तीय बोझ से बचाती हैं। चाहे वह रेबीज जैसी इमरजेंसी हो या कोई अन्य बीमारी, हमारे हेल्थ प्लान के साथ आप बिना किसी चिंता के सबसे अच्छे इलाज पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हम extensive coverage देते है जो आपके vaccinations, दवाइयां, आदि के खर्चों को कवर करती है और आपके ऊपर financial burden नहीं पढ़ने देती।

 

 

People Also Ask

 

1. क्या रेबीज केवल कुत्ते के काटने से होता है? 

नहीं, हालांकि 99% मामले कुत्तों के कारण होते हैं, लेकिन रेबीज बंदर, बिल्ली, नेवला और चमगादड़ जैसे किसी भी गर्म खून वाले स्तनधारी जानवर के काटने या खरोंचने से भी फैल सकता है।

2. अगर पालतू कुत्ते ने काटा है, तो क्या वैक्सीन लेना ज़रूरी है? 

हाँ, बिल्कुल। भले ही आपका कुत्ता वैक्सीनेटेड हो, फिर भी डॉक्टर की सलाह लेना और सावधानी के तौर पर इंजेक्शन लगवाना ज़रूरी है क्योंकि संक्रमण का जोखिम शून्य नहीं होता।

3. क्या रेबीज के लक्षण दिखने के बाद इलाज संभव है? 

दुख की बात है कि नहीं। एक बार rabies ke lakshan जैसे कि पानी से डरना (hydrophobia) शुरू हो जाए, तो आधुनिक चिकित्सा में इसका कोई सफल इलाज नहीं है। इसलिए काटने के तुरंत बाद वैक्सीन लेना ही जीवन बचा सकता है।

4. क्या रेबीज एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है? 

सिद्धांत रूप में यह संभव है (लार या अंगों के प्रत्यारोपण के ज़रिए), लेकिन व्यावहारिक रूप से इंसानों से इंसानों में फैलने के मामले दुनिया भर में बेहद दुर्लभ पाए गए हैं।

5. रेबीज का इंजेक्शन कहाँ लगवाना चाहिए? 

आप किसी भी सरकारी अस्पताल, डिस्पेंसरी या निजी क्लिनिक में जाकर रेबीज का टीका लगवा सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में यह अक्सर मुफ्त या बहुत कम कीमत पर उपलब्ध होता है।

6. क्या पुराने जमाने की तरह पेट में 14 इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं? 

नहीं, अब तकनीक बहुत उन्नत हो गई है। अब आधुनिक टीके आमतौर पर कंधे (arm) पर लगाए जाते हैं और इनकी संख्या केवल 4 से 5 होती है, जो बहुत कम दर्दनाक होते हैं।

7. अगर जानवर ने काट लिया और हमने कुछ नहीं किया, तो क्या होगा? 

यदि वह जानवर संक्रमित था, तो वायरस धीरे-धीरे आपके दिमाग तक पहुँच जाएगा। एक बार इन्क्यूबेशन पीरियड खत्म होने के बाद लक्षण दिखेंगे और उसके बाद मृत्यु निश्चित हो जाती है। जोखिम कभी न लें।

8. क्या घाव पर लाल मिर्च या हल्दी लगाना सही है?

बिल्कुल नहीं! घाव पर मिर्च, मिट्टी या हल्दी जैसा कुछ भी न लगाएं। इससे संक्रमण और जलन बढ़ सकती है। केवल साफ पानी और साबुन का उपयोग करें और सीधे डॉक्टर के पास जाएं।

9. 'हाइड्रोफोबिया' (Hydrophobia) का क्या मतलब है? 

इसका मतलब है पानी से डर। रेबीज के मरीज के गले की मांसपेशियां इतनी संवेदनशील हो जाती हैं कि पानी निगलने की कोशिश करने पर उन्हें भयानक दर्द और ऐंठन होती है, जिससे वे पानी से डरने लगते हैं।

10. क्या रेबीज के लक्षण (rabies ke lakshan) तुरंत दिखाई देते हैं? 

नहीं, इसके लक्षण दिखने में हफ़्तों या महीनों का समय लग सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप लक्षण दिखने का इंतज़ार करें; इलाज काटने के पहले 24 घंटों के भीतर शुरू हो जाना चाहिए।

Start Your Health Insurance Today

Get right coverage, right premium and the right protection instantly.

+91
Disclaimer infoBy clicking, I agree to Niva Bupa 

You may also like

Popular Searches

Health InsuranceHealth InsuranceBest Family Health InsuranceBest Health Insurance For Senior Citizens In IndiaHealth Insurance With Opd CoverMediclaim InsuranceCritical Illness InsurancePersonal Accident InsuranceMediclaim PolicyIndividual Health InsuranceMaternity InsuranceBest Health Insurance companyNRI Health Insurance
 

Health Insurance Schemes - PMMVY LoginPMJJBY Policy StatusSwasthya Sathi CardPMSBYABHA Card DownloadPMJJBY | Ayushman CardPMMVY 2.0Ayushman Vay Vandana Card PMMVY NIC IN रजिस्ट्रेशनPMMVY 2.0 लॉगिन

 

Travel Insurance Plans Travel InsuranceInternational Travel InsuranceStudent Travel InsuranceTravel Insurance USATravel Insurance CanadaTravel Insurance ThailandTravel Insurance GermanyTravel Insurance DubaiTravel Insurance BaliTravel Insurance AustraliaTravel Insurance SchengenTravel Insurance SingaporeTravel Insurance UKTravel Insurance VietnamTravel Insurance JapanTravel Insurance SpainTravel Insurance AsiaTravel Insurance NetherlandsTravel Insurance TurkeyTravel Insurance IrelandTravel Insurance PhillipinesTravel Insurace ItalyTravel Insurance FranceTravel Insurance ChinaTravel Insurance GeorgiaTravel Insurance South AfricaTravel Insurance MaldivesTravel Insurance PortugalTravel Insurance MalaysiaTravel Insurance QatarTravel Insurance PolandTravel Insurance Greece Travel Insurance New zealandTravel Insurance Saudi ArabiaTravel Insurance Sri Lanka


Become an Agent Insurance Agent | Insurance AdvisorLicensed Insurance AgentHealth Insurance ConsultantPOSP Insurance AgentIRDA Certificate DownloadIC 38 ExamInsurance Agent vs POSPIRDA Exam SyllabusIRDAI Agent LocatorIRDA exam feePaise Kaise KamayeGhar Baithe Paise Kaise Kamaye

 

Top Hospitals Best Hospitals in ChennaiTop Hospitals in DelhiBest Hospitals in GurgaonBest Hospitals in IndiaTop 10 Hospitals in IndiaBest Hospitals in HyderabadBest Hospitals in KolkataBest cancer hospitals in BangaloreBest cancer hospitals in HyderabadBest cancer hospitals in MumbaiBest cancer hospitals in IndiaTop 10 cancer hospitals  in India


Others - Ayushman BharatGst Refund for NRI on Health Insurance PremiumHealth Insurance Tax Deductible

 

Health & Wellness शिलाजीत के फायदे हिंदी | Weight Gain Diet in HindiSat Isabgol Uses In HindiAloe Vera Juice Benefits in HindiDragon Fruit Benefits in HindiAkal Daad in HindiAcidity Home Remedies in HindiNikat Drishti Dosh in HindiYoga Benefits in HindiLaung Khane ke Fayde in HindiLeukoplakia in HindiProtien in 100g PaneerBenefits of Rice Water For SkinB12 Deficiency Symptoms in HindiFibre Foods in HindiChronic Disease Meaning in HindiVitamin D Foods in HindiBlood Urea in HindiBeetroot Uses Good for Health 

 

Calculator BMI CalculatorPregnancy CalculatorPregnancy Calendar Based on Conception DatePregnancy Conception Date CalculatorLast Menstrual Period CalculatorBMR CalculatorGFR CalculatorOvulation Calculator